NFT Staking Explained

NFT स्टेकिंग का मतलब: पैसिव आय के अवसरों के बारे में जानें

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हाल ही के वर्षों में नॉन-फ़ंजिबल टोकनों (NFT) के आगमन के साथ क्रिप्टो जगत में ऐसा अभूतपूर्व विकास देखने को मिला है, जिसने डिजिटल वास्तविकता में स्वामित्व और ट्रेडिंग की कायापलट कर दी है। NFT जगत में उपलब्ध ढेरों अवसरों के बीच खासतौर पर एक दिलचस्प धारणा साकार होने में कामयाब रही है – NFT स्टेकिंग

अगर आप यह सोचते रहे हैं कि, “NFT स्टेकिंग आखिर होती क्या है?” या फिर अगर NFT को स्टेक कर आपका पैसिव आय कमाने का इरादा है, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं। NFT स्टेकिंग को गहराई से समझते हुए आइए उसके मैकेनिज़्मों, फ़ायदों, और इस परिवर्तनकारी रुझान को चलाने वाले टॉप प्लेटफ़ॉर्मों के बारे में जानते हैं।

प्रमुख बिंदु

  1. क्रिप्टो जगत में NFT स्टेकिंग एक परिवर्तनकारी अवधारणा है, जिसकी बदौलत NFT धारकों को इनामों के बदले अपने डिजिटल एसेट्स को लॉक कर पैसिव आय जैनरेट करने के अवसर प्राप्त होते हैं।
  2. पैसा जमा करने के बजाय, NFT स्टेकिंग के तहत स्टेकिंग अवधि और नेटवर्क प्रोटोकॉल में भागीदारी जैसे फ़ैक्टरों के आधार पर इनाम कमाने के लिए स्टेकिंग कॉन्ट्रैक्टों या प्लेटफ़ॉर्मों में अनूठे डिजिटल एसेट्स को डिपॉज़िट किया जाता है।
  3. रिटर्न्स को मैक्सिममाइज़ करने के लिए पारदर्शी मैकेनिज़्मों वाले नामी स्टेकिंग प्लेटफ़ॉर्मों का चयन कर विभिन्न प्रोजेक्टों में स्टेक किए गए NFT पोर्टफ़ोलियो को डाइवर्सिफ़ाई करना अहम होता है।

NFT क्या होते हैं?

What is NFT?

एक के बदले एक एक्सचेंज की जाने सकने वाली फ़ंजिबल क्रिप्टो मुद्राओं के विपरीत, NFT किसी विशिष्ट आइटम या सामग्री के स्वामित्व या प्रामाणिकता के सबूत को प्रदर्शित करने वाले अनूठे डिजिटल एसेट्स होते हैं।

ये आइटम एक-दूसरे से काफ़ी भिन्न हो सकते हैं, जिनमें डिजिटल कला, कलेक्टिबल्स, वर्चुअल रियल एस्टेट, और इन-गेम आइटम से लेकर यहाँ तक कि ट्वीट्स और मीम्स भी शामिल होते हैं। हर NFT की अपनी अलग-अलग खूबियाँ होती हैं, और इन खूबियों को न ही दोहराया जा सकता है और न ही इन्हें वैसी ही खूबियों के बदले एक्सचेंज किया जा सकता है।

हाल ही के वर्षों में NFT बाज़ार में विस्फोटक ग्रोथ देखने को मिली है, जिसके लिए NFT कलेक्शन में आने वाला उछाल, जानी-मानी हस्तियों, कलाकारों और इन्फ़्लुएंसरों द्वारा की जाने वाली हाई-प्रोफ़ाइल इंडोर्समेंट, और खासकर स्केलेबिलिटी और इंटरऑपरेबिलिटी समेत ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में आए सुधार ज़िम्मेदार हैं।

NFT स्टेकिंग आखिर काम कैसे करती है?

How does NFT Staking work?

NFT स्टेकिंग उस प्रक्रिया को कहते हैं, जिसके तहत इनाम जीतने के इरादे से धारक एक पूर्वनिर्धारित अवधि के लिए अपने डिजिटल एसेट्स को लॉक कर सकते हैं। पारंपरिक क्रिप्टो मुद्रा स्टेकिंग के विपरीत, जहाँ किसी ब्लॉकचेन नेटवर्क पर लेन-देन की सुरक्षा सुनिश्चित कर उसे सत्यापित करने के लिए उपयोगकर्ता कॉइन्स को स्टेक करते हैं, NFT स्टेकिंग में अनूठे डिजिटल एसेट्स को ही स्टेक किया जाता है।

NFT को स्टेक कर धारक या तो नेटवर्क के संचालन में अपना योगदान दे सकते हैं या फिर विभिन्न प्रोटोकॉलों में भाग ले सकते हैं, जिसके चलते अतिरिक्त टोकनों, यूटिलिटी रिवॉर्ड्स, या अन्य इंसेंटिव्स के तौर पर वे इनाम जीत पाते हैं।

आमतौर पर NFT स्टेकिंग प्रक्रिया के तहत इन डिजिटल एसेट्स को किसी स्टेकिंग प्रोटोकॉल या NFT स्टेकिंग प्लेटफ़ॉर्मों में डिपॉज़िट किया जाता है। समूची स्टेकिंग अवधि के दौरान, NFT मालिक अपना स्वामित्व बरकरार रखते हुए अपने एसेट्स का तात्कालिक एक्सेस छोड़ देते हैं। 

बदले में स्टेकिंग की अवधि, स्टेक किए गए NFT की संख्या, और स्टेकिंग प्रोटोकॉल के नियमों जैसे फ़ैक्टरों के आधार पर उन्हें स्टेकिंग इनाम प्राप्त होते हैं। किसी स्टेकिंग प्लेटफ़ॉर्म और उसके मैकेनिज़्मों के अनुसार ये इनाम अतिरिक्त NFT, टोकनों, या फिर यहाँ तक कि फ़िएट मुद्रा के तौर पर भी दिखाई दे सकते हैं।

सबसे पहले NFT, “Quantum”, को केविन मैक कॉय द्वारा नेमकॉइन ब्लॉकचेन पर 2014 में मिंट किया गया था। लेकिन NFT प्रोजेक्ट लॉन्च करने के लिए एक ज़्यादा विश्वसनीय और सुलभ प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर उभरे Ethereum ब्लॉकचेन की बदौलत ही NFT अपने समूची क्षमता के साथ न्याय कर पाया था।

तेज़तर्रार फ़ैक्ट

NFT स्टेकिंग के फ़ायदे

Benefits of NFT Staking

हालांकि क्रिप्टो मुद्राओं को स्टेक करना ज़्यादा आम है, अतिरिक्त उपयोगिता प्रदान कर इकोसिस्टम में भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए इस कॉन्सेप्ट को NFT के अनुसार भी ढाला गया है। आइए एक नज़र डालते हैं स्टेकिंग के प्रमुख फ़ायदों पर:

पैसिव आय कमाना

डिजिटल एसेट जगत में पैसिव आय जैनरेट करने का NFT एक लुभावना अवसर प्रदान करता है। निष्क्रिय डिजिटल एसेट्स को स्टेक कर सक्रिय रूप से ट्रेडिंग किए या फिर बाज़ार की अटकलों में भाग लिए बगैर ही NFT धारक इनाम जीत सकते हैं। 

धारक अतिरिक्त टोकनों, NFT, या अन्य डिजिटल एसेट्स के तौर पर भी NFT स्टेकिंग इनाम जीत सकते हैं। इन इनामों को स्टेकिंग अवधि, NFT की दुर्लभता, या फिर इकोसिस्टम के दरमियाँ विशिष्ट गतिविधियों में भागीदारी जैसे फ़ैक्टरों के आधार पर समय-समय पर डिस्ट्रीब्यूट किया जाता है।

विशेष सामग्री का एक्सेस

कुछ NFT स्टेकिंग प्रोग्राम सिर्फ़ स्टेकरों के लिए ही उपलब्ध विशेष सामग्री, अनुभवों, या फ़ीचरों का एक्सेस प्रदान करते हैं। इसमें नई रिलीज़, खास इवेंट्स, या फिर विकेंद्रीकृत ऐप्लीकेशनों (DApps) का अर्ली एक्सेस भी शामिल हो सकता है।

शासन-प्रणाली में भागीदारी

NFT स्टेकिंग से धारकों को डीसेंट्रलाइज़्ड ऑटोनॉमस आर्गेनाइज़ेशन्स (DAO) या NFT प्रोजेक्ट से संबंधित अन्य शासन-प्रणाली के ढाँचों के दरमियाँ मताधिकार या शासन-प्रणाली में विशेषाधिकार प्राप्त हो सकते हैं। इसके चलते निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में भाग लेकर स्टेकर प्रोजेक्ट की दिशा को प्रभावित कर पाते हैं।

बेहतर उपयोगिता

NFT स्टेक कर DApps या इकोसिस्टमों के दरमियाँ अतिरिक्त उपयोगिता या कार्यक्षमता के द्वार खोले जा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, स्टेक किए गए NFT की बदौलत ब्लॉकचेन-आधारित गेम्स, वर्चुअल दुनियाओं, या अन्य इंटरैक्टिव अनुभवों में बेहतर क्षमताएँ या बोनस प्राप्त किए जा सकते हैं।

दुर्लभता या कमी को बढ़ावा देना

कुछ स्टेकिंग मैकेनिज़्मों के चलते टोकन अस्थायी रूप से सर्कुलेशन से हटकर प्रभावी रूप से सप्लाई को कम करते हुए स्टेक किए गए NFT की दुर्लभता या कमी में इज़ाफा ला सकते हैं। इससे कलेक्टरों और निवेशकों के बीच उसके मूल्य या वांछनीयता में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

आर्थिक इंसेंटिव (लॉन्ग-टर्म होल्डिंग)

NFT स्टेकिंग से धारकों को इकोसिस्टम के साथ लंबी अवधि तक जुड़े रहने का प्रोत्साहन मिल सकता है। इससे स्थिरता और निरंतरता को बढ़ावा मिलता है। उनके टोकनों को लॉक कर स्टेकर प्रोजेक्ट के प्रति अपनी प्रतिबद्धता ज़ाहिर करते हुए उसके समूचे स्वास्थ्य और तरक्की में अपना योगदान दे सकते हैं।

कोलैटरलाइज़ेशन

कभी-कभी NFT स्टेकिंग का इस्तेमाल लिक्विडिटी एक्सेस करने या फिर DeFi प्लेटफ़ॉर्मों के माध्यम से लोन प्राप्त करने के लिए भी किया जाता है। इसके चलते NFT धारक अपने एसेट्स को बेचे बगैर उन्हें लिवरेज कर पाते हैं, जिससे उन्हें लचीलेपन के साथ-साथ वित्तीय विकल्प भी प्राप्त होते हैं।

कुल मिलाकर NFT स्टेकिंग मैकेनिज़्मों से NFT इकोसिस्टम में उपयोगिता, जुड़ाव, और वैल्यू कैप्चर की एक अतिरिक्त परत जुड़ जाती है, जिससे समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहन और बढ़ावा मिलता है।

5 NFT स्टेकिंग प्लेटफ़ॉर्म और प्रोजेक्ट

how to stake NFT

NFT स्टेकिंग अवसरों का फ़ायदा उठाने के लिए सही NFT स्टेकिंग प्लेटफ़ॉर्म का चयन कर उसके स्टेकिंग डायनामिक्स को समझना अहम होता है। नामी स्टेकिंग प्रोटोकॉलों, पारदर्शी इनाम मैकेनिज़्मों, और उचित स्टेकिंग अवधियों वाले प्लेटफ़ॉर्मों की तलाश करें।

इसके अलावा, अपने स्टेक किए गए NFT पोर्टफ़ोलियो को अनेक प्रोजेक्टों में डाइवर्सिफ़ाय करने से जोखिम कम और संभावित इनाम ज़्यादा हो सकते हैं। स्टेकिंग इनामों, सालाना प्रतिशत लाभ (एनुअल परसेंटेज यील्ड्स, या APY), व कोई भी अन्य संबंधित शुल्क पर नज़र रखते हुए आपके निवेश लक्ष्यों के अनुकूल स्टेकिंग के प्रति एक संतुलित दृष्टिकोण को सुनिश्चित करें।

NFT स्टेकिंग सेवाओं की बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए अनेक प्लेटफ़ॉर्म और प्रोजेक्ट उभरकर आए हैं। बड़े-बड़े NFT बाज़ार, ब्लॉकचेन नेटवर्क, और समर्पित NFT स्टेकिंग प्लेटफ़ॉर्म अपने एसेट्स स्टेक करने या फिर कमाने के लिए खेलने के लिए NFT कलेक्टरों को अवसर मुहैया कराते हैं।

play-to-earn

स्टेकिंग के लिए कुछ जाने-माने प्लेटफ़ॉर्म के नाम हैं:

1. NFTX

NFT की खरीदारी, बिक्री, स्टेकिंग, और स्वैपिंग करने में दिलचस्पी रखने वाले उपयोगकर्ताओं की ज़रूरतों को NFTX पूरा करता है। किसी NFTX वॉल्ट में अपने NFT जमा कर उपयोगकर्ता 1:1 अनुपात पर एक ERC-20 टोकन, vTokens, बना लेते हैं। इन vTokens को या तो यील्ड रिवार्ड्स के लिए स्टेक किया जा सकता है या फिर इनका इस्तेमाल कर किसी वॉल्ट से विशिष्ट NFT प्राप्त किए जा सकते हैं। अन्य ट्रेडरों के लिए लिक्विड बाज़ार बनाने के लिए धारक ऑटोमेटेड मार्केट मेकर्स में अपने-अपने vTokens को पूल कर लिक्विडिटी प्रदाताओं के तौर पर ट्रेडिंग शुल्क कमा सकते हैं। 

लेकिन किसी NFT को स्टेक करने का मतलब उस विशिष्ट NFT के स्वामित्व का त्याग कर देना होता है, और यह बात उसे दुर्लभ खूबियों वाले NFT के बजाय आम खूबियों वाले NFT के लिए ज़्यादा उपयुक्त बनाती है।

2. Ape Coin

बोर्ड एप यॉट क्लब (BAYC), म्युटेंट एप यॉट क्लब (MAYC), या बोर्ड एप केनल क्लब (BAKC) NFT धारक इन्हें स्टेक कर ApeStake.io पर APE टोकन कमा सकते हैं। इन NFT धारकों के लिए विशिष्ट स्टेकिंग पूल उपलब्ध होते हैं, और हरेक पूल के अपने इनाम और शर्तें होती हैं।

इसके चलते अपने NFT स्टेक करने से पहले धारक अपनी इच्छानुसार शर्तों का चयन कर सकते हैं। स्टेकिंग इनाम जीतना शुरू करने के लिए BAKC मालिकों को अपने BAKC को BAYC या MAYC के साथ जोड़ना होता है। किसी स्टेकिंग पूल के लिए प्रतिबद्ध रहते हुए NFT के बेच दिए जाने पर स्टेक किया गया APE खो जाता है। ऐसे में, नए मालिक को स्टेक्ड APE के साथ-साथ इनाम भी प्राप्त हो जाते हैं।

3. Axie Infinity

Axie Infinity ने अपने लैंड स्टेकिंग अभियान को जुलाई 2022 में पेश किया था। इसमें पाँच तरह की NFT भूमि उपलब्ध थी – सवाना, फ़ॉरेस्ट, आर्कटिक, मिस्टिक, और जेनेसिस। Axie लैंड NFT स्टेक कर खिलाड़ी AXS टोकन कमा सकते हैं। इनाम दर ज़मीन की दुर्लभता पर निर्भर करती है।

4. The Sandbox

SAND टोकनों को इनाम के तौर पर प्राप्त करने के लिए खिलाड़ी अपने लैंड NFT को The Sandbox मेटावर्स में स्टेक कर सकते हैं। The Sandbox टीम ने स्टेकरों में SAND के वितरण के लिए $1 करोड़ आवंटित किए हैं, जिसके चलते लैंड स्टेकर प्रोजेक्ट के दौरान भी कमा पाएँगे।

5. Splinterlands

Splinterlands एक ब्लॉकचेन-आधारित प्ले टू अर्न गेम है, जो Hearthstone से मिलती-जुलती है। खिलाड़ी अलग-अलग क्षमताओं और आंकड़ों वाले कार्ड्स जमा कर उनका मैचों में इस्तेमाल कर सकते हैं। गेम का मूल टोकन, SPS (Splintershards), Binance Smart Chain (BSC) पर एक DAO के तौर पर काम करता है। रैंक्ड बैटल, लिक्विडिटी पूल्स, और शासन-प्रणाली वोटिंग में भाग लेने वाले खिलाड़ियों पर उपयोगकर्ता अपने SPS टोकन स्टेक कर सकते हैं।

चुनौतियों और जोखिमों पर जीत हासिल करना

हालांकि NFT स्टेकिंग से मिलने वाले इनाम लुभावने होते हैं, संभावित चुनौतियों और जोखिमों के प्रति सतर्क रहना भी ज़रूरी होता है। बाज़ार के हालातों में आने वाले उतार-चढ़ाव, तेल के दाम, और कुछ NFT प्रोजेक्टों के बुनियादी डीफ़्लेशनरी सप्लाई प्रेशर जैसे फ़ैक्टर स्टेकिंग रिटर्न्स को प्रभावित कर सकते हैं। 

NFT स्टेकिंग के प्रमुख जोखिम हैं:

  • प्रोजेक्ट परित्याग: स्टेकरों के सामने प्रोजेक्ट परित्याग का जोखिम होता है, जहाँ डेवलपर NFT प्लेटफ़ॉर्म के लिए या तो अपना समर्थन बंद कर देते हैं या फिर वादा की गईं अपडेट्स और फ़ीचर्स डिलीवर करने में विफल रहते हैं। ऐसे में एग्ज़िट की किसी उचित रणनीति या पैसा वापस प्राप्त करने के तौर-तरीकों के अभाव में स्टेक किए गए एसेट्स के नुकसान का जोखिम होता है।
  • स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स का शोषण: NFT स्टेकिंग प्रोटोकॉलों को ऊर्जा प्रदान करने वाले स्मार्ट कॉन्ट्रैक्टों में बग्स, खामियों, और शोषण का खतरा बना रहता है। सुरक्षा भेदे जाने की स्थिति में स्टेकरों को वित्तीय नुकसान उठाने पड़ सकते हैं या फिर उनके स्टेक किए गए एसेट्स से समझौता हो सकता है।
  • नियामक अनिश्चितता: NFT और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के माहौल के नियामक ढाँचे में लगातार बदलाव आ रहे हैं। स्टेकरों को नियामकों अड़चनों या कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, खासकर अगर NFT-संबंधी गतिविधियों पर अधिकारियों द्वारा प्रतिबंध या सैंक्शन लगाए जाते हैं।

इसके अलावा हर NFT प्रोजेक्ट में स्टेकिंग के अवसर नहीं मिलते, और APY में प्लेटफ़ॉर्म दर प्लेटफ़ॉर्म बड़े-बड़े फ़र्क देखने को मिल सकते हैं। सोचे-समझे स्टेकिंग निर्णय लेने के लिए अच्छे से छानबीन कर लें, जोखिम वाले फ़ैक्टरों का मूल्यांकन कर लें, और वित्तीय सलाहकारों से सलाह-मशविरा करने के बारे में विचार कर लें।

निष्कर्ष

फलती-फूलती NFT इंडस्ट्री में NFT स्टेकिंग एक गतिशील सीमा-रेखा का प्रतिनिधित्व करती है। इसकी बदौलत नेटवर्क के संचालन और प्रोटोकॉल में अपना योगदान देते-देते NFT धारक एक पैसिव आय कमा पाते हैं। नामी प्लेटफ़ॉर्मों और प्रोजेक्टों पर अपने NFT स्टेक कर लोग अपने डिजिटल एसेट्स की समूची क्षमता के साथ न्याय कर पाते हैं, अपने निवेश पोर्टफ़ोलियो में विविधता ला पाते हैं, और DeFi में भाग ले पाते हैं।

गौरतलब है कि हालांकि NFT स्टेकिंग काफ़ी फ़ायदेमंद साबित हो सकता है, इसे अपनाने से पहले आपको इससे संबंधित जोखिमों की पूरी छानबीन और रिसर्च कर उन्हें अच्छे से समझ लेना चाहिए। सावधानीपूर्वक योजना बनाकर उससे रणनीतिक ढंग से कार्यान्वित कर डिजिटल युग में स्टेकिंग आपके भविष्य को वित्तीय रूप से कहीं ज़्यादा सुरक्षित बना सकती है।

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द्वारा लिखित

Nato Maisuradzeलेखक
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द्वारा समीक्षित

Tamta Suladzeप्रमुख लेखक

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